लेख- by Ritesh Bhuyar 25 /10/ 2012
राजीव गांधी जीवनदायी स्वास्थ्य
योजना से महाराष्ट्र के स्वास्थ्य क्षेत्र में स्वास्थदायी की लहर
महाराष्ट्र के आम लोगों को
बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने हेतू राज्य सरकार ने महत्वकांक्षी राजीव
गांधी जीवनदायी स्वास्थ्य योजना शुरु कर सूबे के लोगों को आरोग्य संपन्न बनाने का प्रयास शुरु किया है. इस
योजना के पहले चरण के तहत गड़चिरोली, अमरावती, सोलापूर, नांदेड, धुलिया, रायगड़,
मुंबई तथा मुंबई उपनगर जिलों में योजना का क्रियान्वयन शुरु किया है. इस योजना से
आठ जिलों के कमजोर तबके के लगभग 49 लाख लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देने के लिए सूबे के 120
सरकारी तथा निजी अस्पतालों का चयन किया गया है.
क्या है यह योजना
इस योजना के तहत गरीबी
रेखा से नीचे जीवन यापन करनेवाले
(बीपीएल - पीला कार्ड धारक) तथा गरीबी रेखा से ऊपर (एपीएल - संतरी रंग के कार्डधारक) रहने वाले परिवारों को स्वास्थ्य सुविधा का लाभ पहुचाने के लिए एक
कार्यक्रम बनाया गया है. इस योजना से स्वास्थ्य सुविधाओं मे गुणवत्ता लाना, विशेष
सुविधा मुहैया कराना, अस्पतालों मे जरुरी शल्य चिकित्सा व अन्य चिकित्सा केंद्र उपलब्ध कराने के
साथ ही परामर्श
केंद्रों का जाल बुनकर स्वास्थ्य सुविधा क्षेत्र में विकास लाया जा रहा हैं. इस
योजना के तहत 30 विशेष सेवा, 972 विशेष प्रणाली केंद्र तथा 121 जांच केंद्र बनाये
गये हैं.
राज्य के 8 जिलों में इस
योजना के लाभार्थियों की पहचान करने हेतू महाराष्ट्र सरकार की और से उन्हें ` आरोग्य कार्ड ` प्रदान किया जाता है. जिसमें परिवार के मुखिया का नाम
तथा अन्य सदस्यों के फोटो संलग्न होते हैं.
एक बार लाभार्थियों का कार्ड उपलब्ध कराने के बाद उनका ऑनलाइन प्रमाणीकरण किया जाता है. इस पश्चात वे इस योजना में सम्मिलित
अस्पतालों से अपना मुफ्त इलाज करवा सकते हैं.
इस योजना के तहत,एक साल में पूरे परिवार या किसी भी एक सदस्य के लिए 1.5
लाख रुपए राशी तक का इलाज करवाना संभव होगा. नामचीन बीमा कंपनियों ने अपने कदम आगे बढ़ाते हुए इस योजना में सहभाग लिया है. यह कंपनियां
राज्य सरकार को रुग्ण के इलाज बिल सौंपती
है. तत्पश्चात सरकार लाभार्थी परिवार का
बीमा प्रीमियम का भुगतान कंपनी के नाम से खुद करती है. लाभार्थी परिवार को
स्वास्थ्य सुविधा के लिए जेब से एक पैसा भी खर्च नही करना पड़ता.
इलाज कैसे प्राप्त किया
जाता है
* कार्डधारक व्यक्ति किसी भी नजदीकी पीएचसी/ग्रामीण, उपजिला, सामान्य,
महिला/जिला अस्पताल जा सकता है. इन अस्पतालों में आरोग्य मित्र नामक व्यक्ति कार्ड
की पहचान कर कार्ड धारक को उचित मार्गदर्शन कर बीमा कंपनी ने तय किये हुए अस्पताल
में प्राथमिक जांच के लिए डाक्टर के पास भेज देता
है. ग्रामीण इलाकों में आयोजित आरोग्य शिबीरो में भी कार्डधारको का इलाज किया जाता
है. दुर्घटनाग्रस्त मरीज सीधे ही इस योजना
में तय किये गये अस्पताल में अपना इलाज कर
सकते है.
* नेटवर्क अस्पताल में नियुक्त आरोग्य मित्र पीले तथा संतरी रंग के राशन
कार्ड का परीक्षण कर मरीजो को इस अस्पताल के परामर्श केंद्र, प्राथमिक चिकित्सा
केंद्र तथा बुनियादी जांच केंद्र में
उपचार हेतू भेजते है.
* नेटवर्क अस्पताल में जांच के पश्चात मरीज को अस्पताल में भर्ती कराने हेतू
बीमा कंपनी को एक आवेदन पत्र भेजा जाता है.
* राजीव गांधी जीवनदायी आरोग्य योजना में संलग्न
बीमा कंपनी तथा डॉक्टर इस आवेदन पत्र की जांच कर उसे अनुमति प्रदान करते हैं. जब सभी बाते योग्य प्रतीत होती है तो
इमेल द्वारा यह आवेदन पत्र की पुष्टी की जाती है.
*
अनुज्ञा के तहत नेटवर्क अस्पताल
लाभार्थियों को मुफ्त चिकित्सा प्रदान करता
है.
चिकित्सा प्रक्रिया पूरी होने के पश्चात नेटवर्क अस्पताल लाभार्थी मरीज को
बीमा कंपनी से पैसे प्राप्त कराने हेतू ओरिजनल बिल, जांच रिपोर्ट, केस पेपर तथा
सेटिसफेक्शन लेटर प्रदान करती है.
* बीमा कंपनी के पास आये बिलों का सही परिक्षण कर उसे मान्यता देकर सात
दिनों के अंदर लाभार्थी को इलाज के पैसे लौटाये जाते हैं.
* कार्डधारक मरीज के इलाज के पश्चात 10 दिन तक नेटवर्क अस्पताल की ओर से उसे
मुफ्त जांच परामर्श तथा दवाईया मुहैया कराई जाती हैं.
महाराष्ट्र सरकार ने
इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिये
राष्ट्रीय बीमा कंपनी लिमिटेड के साथ एक अनुबंध किया है तथा ‘एमडी इंडिया’ को तीसरा प्रशासनिक पक्ष नियुक्त किया है.
आरोग्य (स्वास्थ्य) मित्र
नेटवर्क अस्पताल में
24x7 आरोग्य मित्र उपलब्ध होते हैं. यह मरीजों को दाखिल
करने तथा उनपर उपचार करने के लिए मागदर्शन करते है.
आरोग्य (स्वास्थ्य) कार्ड
इस योजना का लाभ
लेने हेतू पात्र परिवार को आरोग्य कार्ड प्रदान किया जाता है. यह कार्ड मिलने के
पश्चात लाभार्थी परिवार के सदस्यो के `कलर फोटो ` (size 3''x2'' इंच) जमा कराना अनिवार्य है.
इस योजना के बारे मे
अधिक जानकारी वेबसाइट के जरीए भी उपलब्ध की गई है. www.jeevandayee.gov.in तथा
इस सुविधा
के लिए टोल फ्री नंबर भी जारी किए गए है.
1800 233 2200/ 155388.
इस
योजना में क्या अंतर्भुत होगा ?
इस
योजना के तहत 972 चिकित्सा/थेरपी,121 प्रक्रिया तथा 30 विशेष
श्रेणीयों का इसमे समावेश है. तथा निम्न चिकित्साओ का इसमे समावेश है.
1) सामान्य
शल्य चिकित्सा
2) इएनटी सर्जरी
3) नेत्र
विज्ञान सर्जरी
4) प्रसूतिशास्र
और ऑबस्ट्रीक्स सर्जरी
5) आर्थोपेडिक
सर्जरी और प्रक्रिया
6) शल्य
गैस्ट्रो आंत्रविज्ञान
7) हृदय
और कार्डियोथोरेसिक सर्जरी
8) बाल
चिकित्सा सर्जरी
9) जेनीटोनरी प्रणाली
10)
न्यूरोसर्जरी
11)
शल्य चिकित्सा ऑन्कोलॉजी
12) अर्बुदविद्या चिकित्सा
13) विकिरण
ऑन्कोलॉजी
14) प्लास्टिक
सर्जरी
15)
बर्न्स
16)
पाली आघात
17) कृत्रिम
अंग
18) महत्वपूर्ण
ध्यान
19) सामान्य
चिकित्सा
20)
संक्रामक रोगों
21) बाल चिकित्सा
प्रबंधन
22) हृदयरोगविज्ञान
23) नेफ्रोलॉजी
24) तंत्रिकाविज्ञान
25)
पल्मनोलॉजी
26) डर्माटोलॉजी
27)
र्हेमटोलॉजी
28)
एडोक्रिनोलॉजी
29) गैस्ट्रोएंटरोलॉजी
30)
इंटरव्हेनशनल
रेडियोलोजी
यह
योजना पूर्णरुपसे मुफ्त है. इस योजना में उपचार खर्च, दवाईका खर्च, भोजन खर्च व घरसे अस्पताल तक आनेका खर्चे का समावेश है.
योजनामें चिकित्सा उपरांत 10 दिन तक मुफ्त दवाईयां उपलब्ध कराने का प्रावधान है.
000000000

